एक जैविक खाद है, जो गौ के पंचगव्य, अणु, जीवाणु और तंतुओं से तैयार की जाती है। यह खाद ताराचंद बेलजी तकनीक (TCBT) ऊर्जा विज्ञान के अनुसार विकसित की गई है। इसमें पॉजिटिव अणु और जीवाणु होते हैं जो मिट्टी की निगेटिव ऊर्जा और दुर्गंध को समाप्त करते हैं, जिससे मिट्टी मुलायम और सौंधी खुशबूदार हो जाती है। यह फसलों के लिए जरूरी खनिज तत्वों की पूर्ति करता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। उपयोग विधि में प्रति एकड़ जमीन पर चार बार 25 किलो खाद भुरकाव करें। बुवाई से पहले 25 किलो और हर सिंचाई के पहले 25 किलो खाद उपयुक्त है। यह खाद फसल की वृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल है।